
सागर,वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी 8225072664 * उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज एवं डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव के चतुर्थ दिवस पर संवाद-सह-प्रस्तुति सत्र में बुंदेली लोक संगीत की सुमधुर एवं जीवंत प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में युवा नेता आकाश सिंह राजपूत विशेष रूप से उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बुंदेली लोक संस्कृति हमारी पहचान और गौरव है। ऐसे आयोजनों से युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़ने और सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। इस सत्र के विषय विशेषज्ञ के रूप में राष्ट्रीय विजेता दल “हृदय” लोक समूह के यश गोपाल श्रीवास्तव उपस्थित रहे। उनके मार्गदर्शन में प्रस्तुतकर्ताओं ओम भट्ट, साक्षी पटेरिया, शिवांगी पाठक, गोलू कुशवाहा, हिमांश खरारे, पंकज खरारे, विधान चौबे, यश पाठक, शरद कोरी, निक्की अहिरवार एवं गोविंद तिवारी ने बुंदेली लोक परंपराओं की विविध विधाओं का प्रभावशाली मंचन किया। कार्यक्रम में बरेदी फाग, बिलवारी, सैरो, दिवाले और लेद जैसी प्रचलित एवं अप्रचलित लोक विधाओं की प्रस्तुति ने वातावरण को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया। कलाकारों की सशक्त प्रस्तुति, लोक वाद्यों की मधुर धुन और पारंपरिक परिधानों की झलक ने दर्शकों को बुंदेलखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का साक्षात अनुभव कराया। सत्र का संचालन डॉ. नीरज उपाध्याय ने प्रभावी ढंग से किया, अध्यक्षता डॉ. राकेश सोनी ने की। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय एवं शहर के प्राध्यापकगण डॉ. शशि कुमार, डॉ. अवधेश सिंह, डॉ. राहुल स्वर्णकार सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।








